Ekadashi Vrat Benefits in Hindi - एकादशी के लाभ

"हरे कृष्णा" जी तो आज आपको इस लेख में "Ekadashi Vrat Benefits" यानि "एकादशी के लाभ" की जानकारी Hindi में दी जाएगी. इस लेख में हम प्रयास करेंगे आपको एकादशी व्रत से होने वाले लाभ की अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करवाएं. यदि आपने हमारे "Ekadashi kya hai" और "Ekadashi kab hai" वाले लेख नहीं पढ़ें तो इन नामों पर क्लिक करके पढ़ें और एकादशी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें.

वैसे तो हमनें एकादशी के बारे में पहले से विस्तार से बताया है लेकिन फिर भी हम यहाँ जानकारी आपको देने का प्रयास कर रहे हैं. आपने देखा होगा कई लोग कई प्रकार के व्रत और उपवास रखते हैं लेकिन हम आपको बता दें की यह सब एकादशी की तुलना में कुछ भी नहीं है अर्थात् हम एकादशी से तुलना करें तो एकादशी के अलावा बाकि किसी भी व्रत या उपवास से आपको कोई लाभ नहीं होने वाला है. कहने का अर्थ यह है जी की हम जो भी व्रत या उपवास रखते हैं वो अपने परिवार या अपने जीवन में सुख शांति के लिए रखते हैं लेकिन आज तक कोई भी इनसे इच्छित लाभ नहीं ले पाया है.

एकादशी क्यों इतनी महत्वपूर्ण इसको समझने के लिए हमें कर्मो की गणित को समझना चाहिए. क्योंकि हमें जो भी दुःख अथवा सुख प्राप्त होते हैं वो हमारे पिछले कर्मो के अनुसार होते है. हर व्यक्ति सिर्फ सुख की ही तलाश में रहता है कोई भी ऐसा नहीं है जो की सुखी नहीं रहना चाहता हो और सदियों से इंसान इसकी तलाश में है. इंसान की दुविधा यह है की जब तक वह पाप कर्मो से बचना नहीं सीखेगा तब तक सुखी होना असंभव है. हमारे दुखों का सबसे बड़ा कारण है हमारे पाप कर्म और इनसे बचने के लिए कलयुग में इंसान के पास एक मात्र उपाय सिर्फ और सिर्फ एकादशी है. अब यहाँ मैंने एकादशी को ही एक मात्र उपाय क्यों बताया इसके बारे में जानने के लिए आपको "एकादशी क्या और कौन है" यह लेख पढ़ना चाहिए.

एकादशी उपवास के लाभ (Ekadashi Vrat Benefits):

मैंने जितना हो सका इस लेख में एकादशी के बारे में बताने का प्रयास किया है. चलिए अब इससे होने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं क्योंकि आज कलयुग के मानव की यह मानसिकता बन चुकी है की वह कोई भी कार्य बिना लाभ के नहीं करता है फिर चाहे वह भगवान् की सेवा हो या कोई भौतिक कार्य तो चलिए शुरू करते हैं.
1) यदि कोई भी मानव पूरी तरह से समर्पण के साथ एकादशी का उपवास पूर्ण करता है तो श्री हरी की कृपा उसको अवश्य ही प्राप्त होती है जिसके लाभों का वर्णन नहीं किया जा सकता है.
2) एक एकादशी का उपवास किसी भी बड़ी से बड़ी तीर्थयात्रा या किसी भी बड़े धार्मिक स्थान की यात्रा और बड़े से बड़े दान अश्वमेधा बलिदान आदि की तुलना में बहुत उच्च स्थान रखती है अर्थात् यदि कोई सिर्फ एकादशी का उपवास पूर्ण समर्पण के साथ रखता है तो उसको सभी प्रकार के लाभ मिल जाते हैं.
3) यह दिन हमारे शरीर और मन के भौतिक दुखों को दूर करने के लिए सर्वोच्च चिकित्सा के रूप में भगवान्ब द्वारा बनाया गया है. इस दिन यदि कोई नियम से उपवास रखता है तो उसको कभी मानसिक समस्याओं से पीड़ित नहीं होना पड़ता है.
4) एक एकादशी करने मात्र से वह योग्यता प्राप्त की जा सकती जो 60,000 वर्षों तक 1000 भिक्षुक को रोज भोजन खिलाने से प्राप्त होती है.
5) अगर हम इसके वैज्ञानिक लाभ की बात करें तो यह कई प्रकार की बिमारियों को रोकता है और कई को ठीक करता है क्योंकि यह हमारे शरीर शरीर के विघटन और आंत्र प्रणाली को साफ करने में मदद करता है.
6) शास्त्रों में बताया गया है की यदि किसी ब्राह्मण को 1000 गायें दान में दी जाये तो बहुत बड़ा पूण्य मिलता है लेकिन यदि कोई एकादशी का उपवास करता है तो उसको 1000x10 गुना पुण्य मिलता है.
7) Brahma- Vaivarta में बताया गया है की जो भी इस दिन उपवास रखता है भगवान् विष्णु उसको सभी पापों से मुक्त कर देते हैं जिससे वह क्रमस आध्यात्मिक प्रगति कर पाता और जीवन में पूर्णता प्राप्त करता है.
8) Narada Purana में भी बताया गया "गंगा, काशी, कुरुक्षेत्र, यमुना, गया, पुष्कर" आदि भी भगवान हरि के एकादशी दिन के बराबर नहीं है.
9) बताया जाता है की एकादशी का उपवास जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त कर देता है.
10) यह भगवान विष्णु के आशीर्वाद को आकर्षित करता है.
11) उपवास हमारे शरीर में पाचन, श्वसन, परिसंचरण, मूत्र प्रणाली के काम को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है. इसका उदाहरण आप किसी भी शुद्ध हरी भक्त को देख सकते हैं.

एकादशी से संबधित अन्य जानकारी:

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