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Showing posts from December, 2018

Ekadashi Vrat Mahatmya Katha - एकादशी महात्म्य कथा

"हरे कृष्णा" जी आज आप इस लेख के माध्यम से एकादशी महात्म्य (Ekadashi Vrat Mahatmya Katha) की कथा पढेंगे जो की बहुत ही पुण्यकारी है. इससे पहले के लेखों में हमनें "एकादशी क्या है", "एकादशी कब है", "एकादशी के लाभ" आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर ली है. एकादशी का महात्म्य हमनें "पद्मपुराण" से लिया है, तो चलिए शुरू करते हैं.एकादशी व्रत महात्म्य कथाश्री सूत जी महाराज शौनक आदि 88 हजार ऋषियों से बोले :- हे महर्षियों ! एक वर्ष के अन्दर कुल 12 महीनें होते है और एक महीने में दो एकादशी होती है. इस प्रकार एक वर्ष में कुल 24 एकादशी होती हैं. जिस वर्ष लौंद यानि अधिक मास पड़ता है उस वर्ष दो एकादशी बढ़ जाती हैं. इस तरह कुल 26 एकादशी होती है जिनके नाम कुछ इस प्रकार है.
1) उत्पन्ना एकादशी
2) मोक्षदा एकादशी (मोक्ष प्रदान करने वाली)
3) सफला एकादशी (सफलता देने वाली)
4) पुत्रदा एकादशी (पुत्र देने वाली)
5) षट्तिला एकादशी 6) जया एकादशी 7) विजया एकादशी 8) आमला एकादशी 9) पाप मोचनी एकादशी (पापों को नष्ट करने वाली) 10) कामदा एकादशी 11) बरूथनी एकादशी 12) मोहिनी एकादशी 13) अपरा …

Ekadashi Vrat Benefits in Hindi - एकादशी के लाभ

"हरे कृष्णा" जी तो आज आपको इस लेख में "Ekadashi Vrat Benefits" यानि "एकादशी के लाभ" की जानकारी Hindi में दी जाएगी. इस लेख में हम प्रयास करेंगे आपको एकादशी व्रत से होने वाले लाभ की अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करवाएं. यदि आपने हमारे "Ekadashi kya hai" और "Ekadashi kab hai" वाले लेख नहीं पढ़ें तो इन नामों पर क्लिक करके पढ़ें और एकादशी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें.
वैसे तो हमनें एकादशी के बारे में पहले से विस्तार से बताया है लेकिन फिर भी हम यहाँ जानकारी आपको देने का प्रयास कर रहे हैं. आपने देखा होगा कई लोग कई प्रकार के व्रत और उपवास रखते हैं लेकिन हम आपको बता दें की यह सब एकादशी की तुलना में कुछ भी नहीं है अर्थात् हम एकादशी से तुलना करें तो एकादशी के अलावा बाकि किसी भी व्रत या उपवास से आपको कोई लाभ नहीं होने वाला है. कहने का अर्थ यह है जी की हम जो भी व्रत या उपवास रखते हैं वो अपने परिवार या अपने जीवन में सुख शांति के लिए रखते हैं लेकिन आज तक कोई भी इनसे इच्छित लाभ नहीं ले पाया है.
एकादशी क्यों इतनी महत्वपूर्ण इसको समझने के लि…

Ekadashi (एकादशी) Kab Hai | Calendar of Latest Ekadashi

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यहाँ आपको Ekadashi का Latest Calendar मिलेगा और आप जान पाएंगे की Ekadashi Kab Hai (एकादशी कब है). इस वर्ष आने वाली सभी एकादशीयों की सूचि हमनें इस लेख में दी है. अगर आपको नहीं मालूम की "एकादशी क्या है" तो आप इस लिंक पर क्लिक करके पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. वैसे हमारे हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक 11 वीं तिथी को एकादशी का उपवास रखा जाता है. एक महीने में दो एकादशी आती है जिसमे एक शुक्ल पक्ष के दौरान और दूसरी कृष्ण पक्ष के दौरान आती है. भगवान् विष्णु के सभी भक्त एकादशी के दिन सभी पापों से बचने और श्री हरी की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं. एकादशी के दिन कई वैष्णव भक्त जो की प्रेम के स्तर पर होते है वो बिना पानी के उपवास रखते हैं. कुछ भक्त सिर्फ फल के साथ उपवास रखते हैं तो कोई वनस्पति-दूध अथवा अपनी शाररिक शक्ति के अनुसार उपवास रखते हैं.
Ekadashi Calendar 2019 - Ekadashi Kab Haiआप देख पाएंगे की अधिकतर इन्टरनेट पर उपलब्ध सभी Ekadashi Calendar में जो एकादशी के नाम दिए गये है वो हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ही है लेकिन जहाँ से हमें एकादशी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी म…

एकादशी क्या है (Ekadashi Kya Hai) - Vrat Katha, Vidhi, Benefits

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जय श्री हरी : सनातन धर्म के अनुसार प्रत्येक महीने की एकादशी तिथि को श्री भगवान् विष्णु की पूजा की जाती है. इसी दिन एकादशी का व्रत रखा जाता है जो की भगवान् विष्णु को अत्यंत प्रिय है. मानव समाज के लिए एकादशी व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पुण्यकारी माना जाता है. आज इसी एकादशी व्रत की महिमा के बारे में हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे.

कई हरी भक्त हमारे मंदिर में आते है और पूछते है की प्रभु जी “एकादशी क्या है”, “एकादशी कौन है”, “एकादशी कैसे प्रकट हुई”, “एकादशी का व्रत क्यों रखना चाहिए”, “एकादशी का महत्त्व क्या है”, “एकादशी के लाभ क्या है”, “एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए”, “एकादशी का व्रत कब खोलना चाहिए”.

एकादशी कैसे प्रकट हुई हमारे शास्त्रों में बताया गया है की जब भगवान् ने इस श्रष्टि की रचना की तो सभी देवता, दानव, मनुष्य, जीव जंतु, कीट आदि उत्पन्न हुए साथ ही साथ हर प्रकार के पाप भी उत्पन्न हुए. जब सभी पाप उत्पन्न हुए तो उन्हीं पापों से एक पाप पुरुष की भी रचना हुई अथार्त सभी पाप उसी पाप पुरुष के अंग बने. इसके साथ ही यमराज भी उत्पन्न हुए जो की पाप करने वालों को नरक में सजा देने हैं.
जब भगवा…